मिर्ज़ापुर थाना लालगंज क्षेत्र स्थित सम्राट हॉस्पिटल के संचालक व डॉक्टर एवं कर्मचारियों के खिलाफ मिर्ज़ापुर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजीएम) कोर्ट ने FiR दर्ज करने का आदेश दिया है, मामला बीते कुछ माह पहले का है, रामचंद्र पाल की पत्नी अर्चना पाल गर्भवती थी जिसमें की अपने पत्नी को लेकर प्रसव कराने प्राइवेट एनम गुलाब कली के पास गए प्राइवेट एनम द्वारा बताया गया कि नॉर्मल डिलीवरी नहीं होगा ऑपरेशन से डिलीवरी होगा, प्राइवेट एनम द्वारा बताया गया कि हमारे देवर का सम्राट हॉस्पिटल है वहां पर ऑपरेशन हो जाएगा, गर्भवती महिला को सम्राट हॉस्पिटल में ले जाकर भर्ती कराया गया, मरीज की स्थिति गंभीर होने के बावजूद डॉक्टर द्वारा गर्भवती महिला के इलाज में लापरवाही बरती गई, साथ ही रुपये लेने को लेकर गर्भवती महिला के परिजनों को धमकी दी गयी थी, जिसको लेकर रामचंद्र पाल ने थाना लालगंज में तहरीर दिया, और उच्च अधिकारियों के यहां अपनी पीड़ा बयान किया, लेकिन मामले में कोई सुनवाई नहीं हुई, पीड़ित ने अधिवक्ता के माध्यम से सीजेएम न्यायालय में शिकायत दाखिल किया था, वरिष्ठ अधिवक्ता विकास कुमार राय ने बताया कि चिकित्सकीय जांच आख्या के अनुसार पाया गया कि सम्राट हॉस्पिटल में कोई डिग्री धारी डॉक्टर नहीं है, ना ही कोई पैरामेडिकल स्टाफ है, जो मानव हित के लिए ठीक नहीं है, प्राइवेट अस्पतालों में झोलाछाप डॉक्टर बड़े-बड़े अस्पताल चला रहे हैं जो मरीज के जीवन के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं,
Share: