मिर्ज़ापुर मड़िहान के सूखाग्रस्त क्षेत्रो में सिंचाई के स्थायी समाधान के लिए सौपा ज्ञापन
मिर्जापुर मड़िहान क्षेत्र के सूखाग्रस्त क्षेत्रो में सिंचाई की समस्या के लिए, डाक्टर सुरेन्द्र नाथ हार्टिकल्चर फाउंडेशन के संस्थापक इंजीनियर बृजेश कुमार राय ने जनप्रतिनिधियों के साथ जिलाधिकारी दिव्या मित्तल को सिंचाई सम्बंधित पानी की स्थायी समाधान के लिए अपना प्रोजेक्ट दरसाते हुए एक ज्ञापन सौंपा , इंजीनियर बृजेश कुमार जी ने बताया कि जनहित में इस ब्यवस्था से मिर्जापुर जिले के सभी सूखाग्रस्त क्षेत्रों में स्थाई समाधान हो सकता है , उन्होंने प्रस्ताव में बताया कि मिर्जापुर के चुनार किले के पास से गंगा नदी से बाढ़ के पानी को पम्प से उठाकर चुनार- सक्तेशगढ़- राजगढ़ रोड पर, रुद्र इंटरनेशनल स्कूल के पास मौजूदा (धनरौल मड़िहान) नहर में पहुचानें की व्यवस्था हो जाये , तो इससे मिर्जापुर जिले के पहाड़ी इलाकों की सिंचाई और भुमिगत वाटर लेवल रिचार्ज की समस्या का सफल समाधान हो सकता है , बृजेश कुमार राय पेशे से एक इंजीनियर रहे है , उन्होंने आगे बताया कि इसे सुझाव के तौर पर माननीय प्रधानमंत्री जी एवं प्रदेश के मुख्यमंत्री आदरणीय योगी जी और मुख्य सचिव दुर्गाशंकर जी को भी ईमेल द्वारा इस सुझाव से अवगत कराया गया है , उन्होंने क्षेत्र की जनता की तरफ से सभी सक्षम अधिकारी और जनप्रतिनिधियों से अपील किया है कि वे इस व्यवस्था के लिए माननीय प्रधानमंत्री मोदी जी, मुख्यमंत्री योगी जी तथा जलशक्ति मंत्रालय का ध्यान इस ओर ले आएं , क्षेत्र के समुचित आर्थिक विकास के लिए जल से ज्यादा कीमती कुछ भी नहीं है , लिफ्ट द्वारा पानी की पाइपलाइन 32 से 35 किमी की दूरी तय करेगी , और 100 किमी से ज्यादा लंबी धनरौल- मड़िहान- पटेहरा नहर के टेल एंड को फीड करेगी , यह नहर सोनभद्र जिले के धनरौल बांध से निकलती है, काफी दूरी होने की वजह से जरूरत के समय, धनरौल का पानी, सोनभद्र जिले को ही फीड कर पाता है, मिर्जापुर जिले के टेल के क्षेत्रों में पानी शायद ही कभी पहुंचता है , ऐसा लगभग हर साल होता है , हर वर्ष बारिश देर से आती है , जिसकी वजह से इस क्षेत्र के किसान खरीफ सीजन की फसलों की योजना भी नहीं बना पाते , अगर बाढ़ के पानी से मिर्जापुर के मड़िहान तहसील, लालगंज तहसील और पटेहरा प्रखंड के विशाल क्षेत्र (400 से 500 वर्ग किमी), की आबादी के किसानों और जनता को सूखे की स्थिति से हमेशा के लिये मुक्ति मिल सकती है , यह परियोजना, बिहार के राजगीर में किये गये प्रोजेक्ट की तर्ज पर होगा, जहाँ मोकामा से गंगा की बाढ़ का पानी उठाया जाता है और एक विशाल बांध में जमा किया जा रहा है। इसके लिए लिंक यहां दिया गया है ताकि हर कोई इसे देख सके।
https://youtu.be/EcD9DIihfuA मिर्जापुर में इस तरह की परियोजना से सूखे पहाड़ी क्षेत्र की सिंचाई, भूमिगत वाटर लेवल रिचार्ज और सिरसी, ददरी बांध को भी पानी, जिससे प्रदेश सरकार की प्रतिस्थिठित पेयजल योजना की स्थिति में भी भारी सुधार होगा , इससे अपर खजुरी और वाणसागर नहर में भी कमी को पूरा किया जा सकता है , क्षेत्रिय सुधार करने के बाद यह पानी अंत में, फिर गंगा में ही मिल जायेगा ,
बृजेश कुमार राय
9956343923