प्रयागराज के संगम तट पर सबसे बड़े अध्यात्मिक और धार्मिक माघ मेले में साधु संतों के अलग-अलग रंग देखने को मिल रहे है, मेले की शोभा बढ़ाने के लिए कठिन साधना करने वाले इन बाबाओं को देखने वालों की भीड़ लगी, मेले में दूर दराज से आये एक से एक साधु संत मौजूद है, जिनकी तपस्या व साधना करने का अपना अलग अलग रूप है, वहीं इस मेले में कांटे वाले बाबा भी मौजूद है, काटें वाले बाबा का असली नाम रमेश कुमार मांझी जो बिहार के कटिहार जिले के रहने वाले है, बबूल के कांटों के सेज पर लेटकर अपनी अनोखी तपस्या के लिए प्रसिद्ध है, जो अपनी भक्ति और शारीरिक क्षमता का प्रदर्शन करते हैं, बाबा पिछले 42 सालों से ये कठिन तपस्या जग कल्याण के लिए कर रहे है, बाबा कांटों पर लेटने को गुरु द्वारा दिए गए ज्ञान और ईश्वर की महिमा मानते है, जिससे उन्हें कोई नुकसान नहीं होता है,
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