अयोध्या साइबर पुलिस टीम के एक दरोगा व तीन कांस्टेबल एक युवक के खिलाफ 2024 में दर्ज साइबर ठगी के मामले में युवक का नाम हटाने के एवज में दरोगा यशवंत सिंह और उनके तीन कॉन्स्टेबलो ने युवक से 8 लाख रुपए की मांगे की थी, जिसमे से युवक से ये सभी पुलिसकर्मी 4 लाख रुपए वसूल भी कर चुके थे, बाकी बचे रुपये के वसूली के लिए चारो पुलिसकर्मी युवक पर दबाव बना रहे थे, युवक ने इस बार पुलिसकर्मियों को राजस्थान के सीकर में पैसा लेने के लिए बुलाया, इस दौरान उसने एंटी करप्शन ब्यूरो से वसूली मामले की शिकायत कर दी, शिकायत मिलने के बाद एंटी करप्शन ब्यूरो टीम ने रिश्वत की मांग का सत्यापन कराया, जिसमे कॉन्स्टेबल गौरव चारग ने पीड़ित युवक से 4 लाख रुपए की रिश्वत मांगी, बातचीत के बाद सौदा 2.80 लाख रुपए में तय हुआ, जिसे लेने के लिए दरोगा यशवंत सिंह, कॉन्स्टेबल गौरव, सोहन और पवन त्रिपाठी के साथ राजस्थान पहुंचकर मंगलवार दोपहर आरोपियों ने घूस की रकम ली और अयोध्या लौट रहे थे, इसके बाद टीम ने सीकर बीकानेर नेशनल हाईवे पर रसीदपुरा टोल पर आरोपियों को रोक लिया, कार्रवाई के दौरान आरोपियों ने अपनी कार से एंटी करप्शन ब्यूरो टीम की गाड़ी को टक्कर मारकर भागने की कोशिश की, लेकिन टीम ने घेर कर चारों को पकड़ लिया, एंटी करप्शन ब्यूरो टीम के ASP विजय सिंह ने बताया-तीनों आरोपी शिकायतकर्ता युवक से रिश्वत लेने 3 दिन पहले 16 अगस्त सीकर आए थे, सूचना पर टीम ने पहले से ही जाल बिछा रखा था, सीकर-बीकानेर नेशनल हाईवे पर रसीदपुरा टोल पर आरोपियों की गाड़ी को रोका, इसके बाद चेकिंग के दौरान उनके पास से रिश्वत के 2.80 लाख रुपए मिले, चारो के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर आगे की जांच शुरू करने की बात कही गयी है, एंटी करप्शन ब्यूरो टीम ने पूरे प्रकरण की जानकारी अयोध्या के SSP डॉ. गौरव ग्रोवर ने मंगलवार देर शाम आरोपी दरोगा यशवंत सिंह, कॉन्स्टेबल पवन कुमार त्रिपाठी, सोहन लाल और गौरव चारग का सस्पेंड कर दिया। चारों के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दिए हैं,
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