वाराणसी काशी में चिता भस्म के साथ भक्तो साधु संतों और अघोरियों ने शमशानघाट पर खेली मसाने होली
वाराणसी काशी में होती है अनोखी होली आज हरिश्चंद्र घाट पर बड़ी संख्या में भक्तो और अघोरियों ने नरकंकाल पहनकर तांडव करते हुए अनोखी होली खेली, चिता भस्म होली खेलने के लिए हरिश्चंद्र घाट पर लाखो शिव भक्तों जलती चिताओं के बीच होली खेली , रंगभरी एकादशी पर हरिश्चंद्र घाट पर चिता भस्म की होली खेलने के लिए शिव भक्तों का जनसैलाब उमड़ पड़ा , घाट पर जहा एक ओर चिताएं जल रहीं थी तो दूसरी तरफ बुझी चिताओं के भस्म से साधु संत, अघोरियों और भक्त होली खेलने में मस्त रहे , इस होली को देखने और खेलने के लिए देश विदेश से आये पर्यटक भी होली खेलते रहे , पूरी दुनिया में बाबा भोले शंकर की नगरी काशी ही एक ऐसा शहर है जहां महाश्मशान में भक्त चिता भस्म की होली खेलते है, जहा देश ही नही बल्कि विदेश से भी बढ़ी संख्या में सैलानी शामिल होने आते है , रंगभरी एकादशी के दिन बाबा श्री काशी विश्वनाथ होली खेलते है जिसके बाद दूसरे दिन काशी के मणिकर्णिका पर चिताभस्म की होली का आयोजन सदियों पहले राजा मानसिंह ने किया था , इस होली में अबीर और गुलाल नही बल्कि जली हुई चिताओ की राख से होली खेली जाती है ,