कानपुर पुलिस कमिश्नर रघुवीर लाल के द्वारा किडनी ट्रांसप्लांट रैकेट का खुलासा करने के बाद पुलिस जांच में कई और बड़े खुलासे पुलिस कर सकती है, जांच में यूपी से लेकर उत्तराखंड और दिल्ली एनसीआर तक के तार इस मामले से जुड़ते नजर आ रहे है, यूपी के कानपुर में मानवता को शर्मसार करने वाले एक बड़े किडनी ट्रांसप्लांट रैकेट का मंगलवार को पर्दाफाश हुआ किया गया था, पुलिस की तफ्तीश जैसे जैसे आगे बढ़ रही है हर दिन नए और चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं, इस काले कारोबार के तार अब उत्तर प्रदेश से लेकर उत्तराखंड और दिल्ली-एनसीआर तक जुड़ते नजर आ रहे हैं, पुलिस की जांच में सामने आया है कि इस गिरोह की मास्टरमाइंड आहूजा हॉस्पिटल की डॉ. प्रीति आहूजा है, हैरान करने वाली बात यह है कि डॉ. प्रीति न केवल इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) की सम्मानित सदस्य हैं, बल्कि वह स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) में मेडिकल ऑफिसर के पद पर भी तैनात थीं,मास्टरमाइंड डॉ. प्रीति आहूजा आहूजा हॉस्पिटल का नेटवर्क लखनऊ, मेरठ, देहरादून और दिल्ली एनसीआर सहित कई बड़े शहरों के नामी सर्जन बुलाकर अवैध ट्रांसप्लांट कराया जाता था, पुलिस के मुताबिक, सर्जरी करने वाले स्पेशलिस्ट सर्जन लखनऊ और एनसीआर के नामी अस्पतालों से बुलाए जाते थे, यह गिरोह ज्यादातर गरीब डोनर्स को अपना शिकार बनाया करते थे, फिलहाल, किडनी डोनर आयुष और रिसीवर पारुल का इलाज हैलट हॉस्पिटल में चल रहा है, जिनकी हालत पर डॉक्टर नजर बनाए हुए हैं, अब देखना यह होगा कि सफेदपोश अपराधियों के इस जाल में और कितने रसूखदार के नाम सामने आते हैं ,
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