उत्तर प्रदेश में बिजली विभाग ने ग्राहकों को बिना बताये 46.79 लाख उपभोक्ताओं के विद्युत भार को बढ़ा कर चुपके से जोर का झटका दे दिया, बिना सूचना के बिजली का लोड बढ़ाये जाने से काफी लोगों में बेहद नाराज़गी है, लखनऊ पावर कॉरपोरेशन ने लगभग 46.79 लाख विद्युत उपभोक्ताओं का भार बढ़ा दिया है, इस कार्रवाई से पूरे प्रदेश के उपभोक्ताओं में हड़कंप मच गया है, राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने विद्युत नियामक आयोग से तत्काल हस्तक्षेप कर भार बढ़ाने पर रोक लगाने और पूरे मामले की जांच कराने की मांग की है, पावर कॉरपोरेशन ने बृहस्पतिवार रात बिलिंग सॉफ्टवेयर के माध्यम से 46.79 लाख उपभोक्ताओं का भार बढ़ा दिया है, इसकी जानकारी मिलते ही राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने नियामक आयोग में लोकमत प्रस्ताव दाखिल किया है, वर्मा ने कहा कि पावर कॉरपोरेशन भार बढ़ाने के लिए तर्क दे रहा है कि नियामक आयोग के टैरिफ आदेश में इसकी व्यवस्था दी गई है, लेकिन बिना उपभोक्ता को सूचना दिए भार बढ़ाना गलत है, यह कार्रवाई प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों और उपभोक्ता अधिकारों के विपरीत है, इलेक्ट्रिसिटी सप्लाई कोड, 2005 के अनुसार भार बढ़ाने से पहले एक माह का नोटिस देना अनिवार्य है, बिजली का लोड बढ़ने से बिजली का बिल अब हर महीने बढ़ कर आएगा ,
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