लखनऊ हादसे बाद मिर्ज़ापुर के सभी कोचिंग संस्थानों का नगर मजिस्ट्रेट अविनाश कुंमार व अपर पुलिस अधीक्षक नगर नितेश सिंह के नेतृत्व में जांच शुरू की गई, जो देर रात्रि तक चलती रही, मिर्ज़ापुर में कोचिंग संस्थानों की जांच के दौरान एक कोंचिंग सेंटर पर पहुचे सिटी मजिस्ट्रेट अविनाश कुमार और ASP नीतीश सिंह वहां का हाल देख कर हैरान रह गये, अधिकारियों को कोचिंग सेंटर तक पहुचने के लिए टार्च का सहारा लेना पड़ा, जहां एक कमरे में कोचिंग क्लास चलाया जा रहा था, प्रदेश में लगभग सभी जनपदों का यही हाल है, बिना सुरक्षा मानक के दो कमरों में कोचिंग क्लास चलाया जा रहा है, ऐसे कोचिंग संस्थान अग्निशमन विभाग से मंजूरी भी नही लिए होते है, सवाल उठता है जब कोई घटना घरती है, तब तुरन्त क्यों जागता है प्रशासन, घटना घटित होने से पहले ऐसे संस्थानों के मानक की जांच क्यों नही होती ,
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