मिर्ज़ापुर विंध्याचल त्रिकोण मार्ग पर स्थित सीता कुंड के पीछे की पहाड़ी भूस्खलन से ढह गया
मिर्ज़ापुर विंध्याचल माँ विंध्यवासिनी देवी धाम के त्रिकोण मार्ग पर स्थित सीता कुंड के पीछे की पहाड़ी आज भूस्खलन से ढह गया , जिसकी वजह से सीता कुंड के पास बड़ी संख्या में पत्थरों का अंबार लगा , विंध्याचल त्रिकोण परिक्रमा पथ पर सीता कुंड के आसपास के पहाड़ियों में भुस्खलंन होने से लगा, कुंड के आसपास पत्थरों का ढेर लग गया, बताते चलें कि पहले ही बरसात में त्रिकोण परिक्रमा पथ सीता कुंड के आसपास के पहाड़ भुस्खलंन होने की वजह से दरकने लगे है , सीता कुंड के पीछे की पहाड़ी भूस्खलन हो जाने से पवित्र सीता कुंड के आसपास पत्थरों का अंबार लग गया, हम आपको बता दे कि त्रिकोण पूजा करने वाले श्रद्धालु पैदल त्रिकोण करते हैं इस कुंड का जल पीने के उपरांत माँ अष्टभुजी देवी के दर्शन पूजन करने के लिए आगे रवाना होते है , पुराणों के अनुसार त्रेता युग में भगवान श्री राम अपने पिता राजा दशरथ के पिंडदान करने के लिए विंध्यधाम में आए थे , लौटते समय शिवपुर स्थित रामेश्वर महादेव की स्थापना किए हुए थे, वही मातृ नवमी तिथि पर माता सीता ने अपने पूर्वजों को जल से तर्पण की थी , परम्परा के अनुसार आज भी बड़ी संख्या में महिलाएं मातृ नवमी तिथि पर पवित्र सीता कुंड जल से अपने-अपने पितरों को तर्पण करती हैं ,