मिर्ज़ापुर राइट टू एजुकेशन के तहत स्कूल से निकाले गये बच्चो ने रोकी डीएम की गाड़ी
मिर्ज़ापुर में राइट टू एजुकेशन के तहत गरीब बच्चों का सरकार की ओर से प्राइवेट स्कूलो में दाखिला कराया गया था , लेकिन कुछ साल पढ़ाने के बाद स्कूल प्रशासन द्वारा बच्चो से स्कूल की फीस को मांगा गया , फीस न जमा करने वाले बच्चों को स्कूल प्रशासन ने स्कूल से बाहर निकाल दिया , जिससे नाराज परिजनों ने बच्चो को लेकर जिलाधिकारी कार्यालय पर पहुचकर स्कूल प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए न्याय की गुहार लगाया , थोड़ी ही देर में जैसे ही जिलाधिकारी दिव्या की गाड़ी जिला कलेक्ट्रेट में प्रवेश किया तो बच्चों और अभिभावक ने जिलाधिकारी की गाड़ी को रोक अपनी पीड़ा सुनाई , जिलाधिकारी दिव्या मित्तल ने बच्चों की पीड़ा को सुनकर आश्वासन दिया कि जल्द ही सभी बच्चों का दोबारा से प्रवेश कर दिया जाएगा , दोषी स्कूल प्रबन्धको के खिलाफ कठोर कार्यवाही किया जाएगा , सारा मामला कोन ब्लाक के चंदेल डांडिया गांव स्थित एक प्राइवेट स्कूल का है वही अभिभावकों का कहना है कि हम लोग राइट टू एजुकेशन के तहत बच्चो का एडमिशन कराए थे , अब बोल रहे है फीस नही जमा है , जिसकी वजह से बच्चों को निकाल दिया गया , वहा के प्रिंसिपल बोल रहे है जो आठ साल पढ़ाई का था वह कैंसिल हो गया , जिसको लेकर हम लोग आज जिलाधिकारी से मिले है ,