आगामी लोकसभा चुनाव से पहले चौधरी जयंत सिंह की एनडीए के साथ सीट बंटवारे को लेकर शुरू बातचीत पर अब हर पार्टी की नजर टिकी हुई है कि उनका अंतिम फैसला क्या होता है, दरसल चौधरी जयंत सिंह का वेस्ट यूपी के सीटो पर राजनीति में अच्छी पकड़ मानी जाती है , क्योंकि वेस्ट की अधिकतर सीटों पर जाट वोटर चुनाव को प्रभावित करते है, चौधरी जयंत सिंह वेस्ट यूपी की बागपत, कैराना, गाजियाबाद, बिजनौर, नोएडा, अमरोहा, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, मेरठ, पीलीभीत, बरेली, आंवला, बदांयू, मथुरा, फतेहपुर सीकरी, बुलंदशहर, मुरादाबाद, संभल, फिरोजाबाद, आगरा, अलीगढ़, हाथरस सीटों पर बड़ी संख्या में जाट वोटर हैं , इन सीटों पर जाट वोटर चुनाव प्रभावित कर सकते है , जिसको लेकर खींच तान चल रहा है , जाटों को सबसे ज्यादा सपोर्टर रालोद के साथ माना जाता है, चौधरी जयंत सिंह को लेकर सपा व कांग्रेस गठबंधन को आगामी लोकसभा चुनावी गणित गड़बड़ाने की चिंता सता रही है , आज वाराणसी पहुंचे अखिलेश यादव से जब पत्रकारों ने चौधरी जयंत सिंह पर सवाल किया तो उन्होंने कहा इस पर कोई बात नही कहनी है और कुछ कहना भी होगा तो हम उनसे बात करके रास्ता निकाल लेंगे , इंडिया का गठबंधन जीत का गठबंधन है, सवाल सीट का नही है , मेरा कोई साथी जीत रहा है, तो उसे मौका मिलना चाहिए, यदि किसी और के समीकरण से कोई और साथी जीत रहा है, तो उसे भी मौका मिलना चाहिए , आज बीजेपी के पास बेरोजगारी और महंगाई पर कोई जवाब इनके पास नही है, बीजेपी ने हमारे पढ़े लिखे नौजवानों को डिलीवरी बॉय बना दिया है ,