69 हजार शिक्षक भर्ती मामले में सुप्रीम कोर्ट के रोक के बाद केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल ने अभ्यर्थियों के लिए क्या कहा
यूपी में 69 हजार शिक्षक भर्ती मामले में आज सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय के फैसले पर अस्थाई रोक लगा दी , फैसले के बाद मिर्ज़ापुर की सांसद व केंद्रीय राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने अपने फेसबुक एकाउंट लिखाते हुए कहा की आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थी निराश न हों , जहां तक अपना दल (एस) का सवाल है तो पार्टी इस मामले में आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों के साथ मज़बूती के साथ खड़ी है, हमारी पार्टी का प्रारंभ से मानना है कि 69000 भर्ती के मामले में आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों के साथ अन्याय हुआ है, जिसकी पुष्टि माननीय इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने नई सूची जारी करने का आदेश दे कर की थी। हम अब भी इस मामले में आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों के साथ खड़े हैं। हम न सिर्फ आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों की हक की लड़ाई पहले की तरह जारी रखेंगे, बल्कि वादे के मुताबिक इस मामले को अंतिम निष्कर्ष तक पहुंचाने के लिए हर संभव कानूनी मदद देना भी जारी रखेंगे। हमारी पार्टी का स्पष्ट मानना है कि उत्तर प्रदेश सरकार को अन्याय का शिकार हुए आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों को न्याय दिलाने के लिए आगे आना चाहिए।क़ानूनी प्रक्रिया से अलग उत्तर प्रदेश सरकार को राजनीतिक रूप से तमाम उपलब्ध विकल्पों में से सब को स्वीकार्य एक ऐसा विकल्प लागू करना चाहिए जिससे किसी भी पक्ष के साथ अन्याय न हो, 69000 शिक्षक भर्ती में अन्याय का शिकार हुए आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थी निराश न हों। इस मामले में माननीय उच्चतम न्यायालय ने माननीय इलाहाबाद उच्च न्यायालय के फैसले के विस्तृत अध्ययन के लिए सिर्फ़ अस्थाई रोक लगाया है।