लखनऊ मौसम विभाग द्वारा बताया गया कि वर्षा वज्रपात से कैसे बचा जा सकता है, क्या करना चाहिए और क्या नही
लखनऊ मौसम विभाग द्वारा बताया गया कि वर्षा वज्रपात से कैसे बचा जा सकता है, क्या ऐसे में क्या करना चाहिए और क्या नही करना चाहिए, आकाशीय विद्युत से बचने के लिए निम्न सावधानी बरतें, पेड़ कि शरण में बिल्कुल भी ना जाएँ , क्योंकि पेडों पर आकाशीय विद्युत के गिरने की अधिक संभावना होती है , बिजली एवं टेलीफोन के खम्बों के नीचे बिल्कुल शरण ना लें, क्योंकि यह खम्बे आकाशीय विद्युत को अपनी ओर आकर्षित करते हैं , तालाब एवं जलाशयों से दूरी बना कर रखें , यदि आप पैदल जा रहे हों तो धातु कि डंडी वाले छाते का प्रयोग बिल्कुल ना करें , घर हो या दुकान में-कहीं भी दीवार के सहारे टेक लगाकर ना खड़े हों, वज्रपात के दौरान खिड़की, दरवाजे, टिन कि छत, बरामदे एवं छत से दूरी बनाकर रखें, घर में हों तो बिजली उपकरणों जैसे स्विच, तार, टेलीफोन को उपयोग करने से बचें, वर्षा/आकाशीय विद्युत संभावित मौसम में स्नान ना करें , यदि बाहर हैं तो खुली छत वाले वाहन जैसे बाइक इत्यादि कि सवारी ना करें, धातु से बने कृषि यंत्र- डंडा इत्यादि से दुर रहें , आकाशीय विद्युत के दौरान क्या करना चाहिए , यदि आप खुले में हैं तो अतिशीघ्र किसी पक्के मकान कि शरण में जाएँ एवं खिड़की दीवार से दूरी बनाकर रहें, सफर के दौरान अपने बंद छत के वाहन में शीशे चढ़ाकर बैठें, बिजली कि सुचालक वस्तुओं से दूर रहें , यदि आप जंगल में हैं तो बौने एवं घने पेडों कि शरण में चले जाएँ , यदि संभावित मौसम में आपके सर के बाल खड़े हो रहे हों, त्वचा में झुनझुनी हो तो आपके इर्द गिर्द आकाशीय विद्युत के गिरने कि प्रबल संभावना है , ऐसे में या संभावित मौसम में खुले खेत में फंस जाएँ तो दोनों पैरों को आपस में सटाकर दोनों हाथों से कानों को बंद कर सर को जमीन कि तरफ झुका कर उकड़ु मुद्रा में बैठे जाएँ, वज्रपात से घायल व्यक्ति को यदि CPR देने में प्रशिक्षित है तो तत्काल CPR दें एवं नजदीकी प्प्राथमिक चिकित्सा केंद्र अस्पताल में ले जाएँ ,