मिर्ज़ापुर मड़िहान के भवानीपुर गांव में 9 मार्च 2001 होलिका दहन के दिन की घटना को याद कर क्यों सिहर जाते है ग्रामीण
मिर्ज़ापुर जनपद के मड़िहान विधानसभा क्षेत्र के भवानीपुर गांव में आज से लगभग 23 वर्ष पूर्व होलिका दहन के दिन गोलियों की तड़तड़ाहट से जनपद थर्रा उठा था, मड़िहान विधानसभा क्षेत्र के भवानीपुर गांव में 9 मार्च 2001 को होलिका दहन के दिन ही पुलिस और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ में जमकर गोलीबारी हुई थी, जिसमे 16 नक्सली मारे गए थे, बताया जाता है कि भवानीपुर गांव में रातभर गोलियां तड़तड़ाती होती रहीं, हम आपको बता दे कि आज से लगभग 25 से 30 साल पहले मिर्ज़ापुर जनपद, सोनभद्र, चंदौली का कुछ क्षेत्र में नक्सली बेल्ट रहा, जहा अक्सर नक्सलियों का गुट आते जाते थे, और बड़ी घटना को अंजाम देकर फरार हो जाया करते थे, उसी क्रम में आज से लगभग 23 वर्ष पहले 9 मार्च 2001 को होलिका दहन के दिन नक्सलियों का एक गुट मड़िहान क्षेत्र के भवानीपुर गांव में होली मनाने आया हुआ था, पुलिस को इसकी भनक लग गयी थी, कि नक्सली गांव के एक कच्चे मकान में ठहरे हुए है, जिस कच्चे मकान में नक्सली ठहरे हुए थे, उसमे उन सब के लिए खाना बन रहा था , कई दिनों से नक्सलियों को पकड़ने के लिए हाथ पैर मार रही पुलिस को नक्सलियों के आने की सूचना मिलते ही पूरे भवानीपुर गांव को पुलिस ने चारों तरफ से घेर लिया था , इस दौरान पुलिस और नक्सलियों के बीच भीषण मुठभेड़ हुई थी, पुलिस और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ में 16 नक्सली मारे गए थे , बरहाल आज पूरे गांव की तस्वीर बदल चुकी है , कभी नक्सलियों का गढ़ कहे जाने वाला भवानीपुर गांव में बच्चों के हाथों में किताब है, तो वही बड़े लोग अपने मेहनत के काम मे व्यस्त है, गांव के स्कूल को मॉर्डन बना दिया गया है , इसके साथ ही गांव की सड़़के अच्छी बन गई हैं, सरकार के प्रयास से अब नक्सलियों की बातें एक कहानी बन गई है , बरहाल आज भी पुलिस हर होली पर सतर्क रहती है ,