मिर्ज़ापुर में एक संस्था ने कूड़ा कबाड़ा बीनने वाले दो सौ बच्चों को पढ़ा लिखाकर योग्य बनाएगे
मिर्ज़ापुर में तेजी से उभरती एक संस्था जो सपने अच्छे कार्यो की वजह से हमेशा चर्चा में दिखाई पड़ती है , अमेजिंग पावर ऑफ एजुकेशन डेवलपमेंट एंड हेल्प फाउंडेशन जिसका मकशद गरीब बच्चों के भविष्य को सुधारने व उंन्हे सही राह पर लाने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है , जिसने एक बस्ती में रहने वाले कूड़ा कबाड़ा बीनने वाले करीब दो सौ बच्चों को पढ़ा लिखाकर सही मार्गदर्शन देकर उन्हें योग्य बनाने की जिम्मेदारी के लिए आगे बढ़ा है , मिर्जापुर नगर से लगभग 5 किलोमीटर दूर राजपुर नहर के किनारे बसे एक बस्ती के रहने वाले छोटे-छोटे बच्चे जो सुबह रोज 3:00 बजे भोर ही कूड़ा कबाड़ा बीनने के लिए निकल जाते थे , जिससे उनके परिवार का पेट भरने का मेन जरिया था , इन बच्चों पर अमेजिंग पावर ऑफ एजुकेशन डेवलपमेंट एंड हेल्प फाउंडेशन मिशन के लोगो की नजर पड़ी तो , बस्ती में जाकर बच्चों के बारे में जानकारी हासिल किया , कितने बच्चे हैं , कौन-कौन बच्चे पढ़ने जाते हैं , पता चला कि बस्ती में 6 साल से 10 साल तक के बच्चे रहते है जो आज तक स्कूल नहीं गए , संस्था द्वारा संकल्प लिया गया कि सभी बच्चों को स्कूल पहुंचाना है , और उनके बस्ती में एक कोचिंग का आयोजन भी करना है , जिसमे प्रतिदिन उन बच्चों को पढ़ाया जा सके , उनके भविष्य को सुधारा जा सके ,